आज की प्रार्थना

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हे प्रभु, आपका कोटि-कोटि आभार !आज मैं साँसे ले रहा  हूँ। आज मेरे सपनों को साकार करने के लिए सुअवसर है।
आज मैं अपने साधनों का सदुपयोग पूरी कुशलता से अपने उद्देश्यों की सिद्धि हेतु करुँगा। 
आज मैं अतीत पर व्यर्थ चिंतन कर या निरर्थक झगड़ों, मनोरंजनों आदि में उलझकर अपनी सर्जनशीलता बाधित नहीं करूँगा औऱ अपनी मानसिक शक्तियों का उपयोग सिर्फ रचनात्मक कार्यों के लिये ही करुँगा।
आज मैं हमेशा शांत रहूँगा। अच्छी तरह से सोच-समझकर कम-से-कम तथा मधुर वचन बोलूँगा औऱ शिष्टाचार, सद्भाव एवम शुभकामनायें ब्यक्त करूँगा।
आज मैं लगातार अपने जीवन लक्ष्य की ओर बढता जाऊँगा।
आज मैं अधिक से अधिक उद्यम करूँगा। योजना बनाकर कठोर श्रम करना मेरे लिए सरल औऱ स्वाभाविक है।
आज मैं “कल करे सो आज कर, आज करे सो अब” के सिद्धांत को जीवन में चरितार्थ करूँगा।

हे प्रभु, आपको मुझसे महान आशायें हैं। आज मैं आपकी उम्मीदों पर खड़ा उतरुँगा और महान् सफलताएँ  पाऊँगा।   
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