नव वर्ष प्रतिदिन मनायें

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नव वर्ष नया उत्साह और नये अरमान लेकर आता है.

 

नव वर्ष पर मेरे सर्वोत्तम मित्र ने तंज कसा,” फूलकर कुप्पा मत होइये, आज सिर्फ कैलेंडर बदला है. आपकी नौकरी और आपका बॉस वही है.” वस्तुतः नव वर्ष में तभी कुछ बदलेगा, जब उसे बदलने के लिए आप कमर कस कर जी-तोड़ परिश्रम करेंगे अन्यथा “सुबह होता है, शाम होती है, इसी तरह जिंदगी तमाम होती है.” वाली कहावत चरीतार्थ हो जाएगी.

हम नव वर्ष पर नयी प्रतिज्ञाएँ करते हैं, जिनमें अधिकांश अपूर्ण रह जाती हैं, क्योकि उत्साह समाप्त होते ही हम उन्हें नजरअंदाज कर देते हैं और फिर नयी प्रतिज्ञाएँ करने के लिए दूसरे नव वर्ष का इंतजार करते हैं.

 नव वर्ष रोज मनायें.

प्रत्येक दिवस ऐसे मनाएं मानो यह नये वर्ष का प्रथम दिवस हो. प्रतिदिन गर्मजोशी के साथ लोगों से मिलें और पूरे उत्साह के साथ उनका स्वागत करें. प्रत्येक दिन अपने पत्नी और बच्चों के साथ खुशियाँ मनायें.प्रतिदिन कम से कम एक चेहरे पर मुस्कराहट लायें. प्रत्येक दिन नये संकल्प लें, और उन्हें साकार करने के एडी-चोटी का पसीना एक कर दें. प्रतिरात्रि इतना थक कर विस्तर पर जायें कि अविलम्ब गाढ़ी नींद आ जाये. प्रत्येक दिन अनोखा होता है. प्रत्येक दिन को नव वर्ष के प्रथम दिवस वाले उत्साह से सराबोर कर दें.

अगर आपका कोई संकल्प अधूरा भी रह जाये तो जी छोटा मत होने दें, नये उत्साह और मजबूत इरादों के साथ नयी प्रतिज्ञाएँ करें और उनको पूरा करने के लिए जमीन-आसमान एक कर दें.

प्रत्येक दिन परम पिता द्वारा दिया गया विशिष्ट वरदान है. आप भाग्यवान हैं क्योंकि आप आज के अवसरों के सम्पूर्ण दोहन के लिए जीवित हैं. अनेक इतने सौभाग्यशाली नहीं थे, वे कल रात ही काल के गाल में समा गये.

आज का भरपूर आनंद उठाइए. आज हाथ आये अवसरों को जमकर भुनाइये. सफलताएँ अवश्य ही आपके कदमों को चूमेंगी.

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लक्ष्यों पर निगाहें गड़ाए रखिये.

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