परेशानी तेरा नाम जिंदगानी

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कहीं किसी को मुकम्मिल जहाँ नहीं मिलता

कहीं  जमीं तो कहीं आस्मां नहीं मिलता .

निदा फाजली

मैं परेशानी के कारण एक दिन अपने सिर के बाल नोच रहा था। मुझे  व्यथित देखकर एक मित्र ने बताया, “अभी-अभी मैं एक व्यक्ति से मिलकर आ रहा हूँ, वह सभी परेशानियों, चिंताओं  और तनावों से सर्वथा मुक्त है।  आओ, मैं तुझे उससे मिलवाता हूँ।” वह मेरा हाथ पकड़कर दरवाजे पर ले आया।  मैंने देखा, “एक व्यक्ति चार लोगों के कन्धे पर लेटकर मजे में जा रहा था और उसके आगे-पीछे चल रहे लोग पूरी श्रद्धा के साथ ‘राम नाम सत्य है’ का नारा लगा रहे थे।” 

   मैनें अपने मित्र को मीठी झिड़की दी ,” अरे पागल, वह तो मृत है।” मेरा मित्र शरारत के साथ मुस्कराया, ” हाँ, वह मुर्दा है और मुर्दा ही तो सभी परेशानियों से सर्वथा मुक्त होता है, जीवित व्यक्तियों के पास तो परेशानियाँ आती ही रहती हैं। यह दर्शन सुनकर मैं अवाक् रह गया और ईश्वर को धन्यवाद देने लगा, क्योंकि मैं जिन्दा था, परिणामस्वरूप परेशानियों से दो-चार हो रहा था। 

जिस तरह गुलाब के साथ कांटे होते हैं और कंप्यूटर के साथ वायरस आते हैं, उसी तरह जीवन में प्रसन्न्ताओं के साथ परेशानियाँ भी आती हैँ। ईश्वर ने खुशियाँ भी दी  हैं और उन्होंने ही कष्ट भी दिये हैं।  साथ ही सभी समस्याओं का समाधान भी दिया है। 

आप अपनी परेशानी एक कागज पर स्पष्ट लिख लेंगे तो उसका समाधान खोजने में मदद मिलेगी। घनिष्ठ मित्रों और साथियों के साथ विचार-विमर्श भी समस्या-समाधान में सहायक होता है। 

आपको सारे प्रयास करने के बाद भी किसी समस्या का समाधान नहीं मिले तो निम्नलिखित पंक्तियाँ श्रद्धापूर्वक बार-बार दोहराएँ। आपको अवश्य ही सही रास्ता नजर आने लगेगा। 

for every ailment under the sun, there is a remedy or there is none;

if there is one try to find it, if there is none, never mind it.

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