समस्या समाधान तेजी से करिये ; शानदार सफलतायें पाइए.

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तीव्र गति से समस्या समाधान करने में सक्षम व्यक्ति ही शानदार सफलतायें पाता है.

मानव जब जोर लगाता है, पत्थर पानी बन जाता है.

राष्ट्रकवि रामधारी सिंह “दिनकर”(रश्मिरथी)

प्राचीन काल में राजा-महाराजा हर पल अपने खूबसूरत म्यान में तेज धार वाली तलवार रखते थे.शत्रु पर निगाहें पड़ते ही वे उसको नरकवासी बना देते थे. यदि कोई शत्रु अत्यंत शक्तिशाली होता था तो वे धैर्यपूर्वक अपनी शक्ति बढ़ाते रहते थे. साथ ही दुश्मन के कैंप में जासूस भेज कर और उसकी टीम में फूट डलवाकर उसे कमजोर भी करते रहते थे. फिर सही समय पर आक्रमण करके वे उसकी खाट खड़ी कर देते थे.

हम भी किसी योद्धा से कम नहीं है. प्रातः से रात्रि तक हम समस्याओं से दो-चार होते रहते हैं. अतः यह अतिआवश्यक है कि समस्या को देखते ही हम भी उस पर टूट पड़ें और समाधान निकाल कर ही चैन की सांस लें .

यदि किसी समस्या का अविलम्ब समाधान न भी नजर आये तो हिम्मत हारे बिना आप उचित समय तक इंतजार करें और इस बीच समस्या-समाधान की दिशा में लगातार प्रयास करते रहें. साधारण दीमक भी छोटे-छोटे प्रहार करके भव्य इमारतों को जमींदोज कर देते हैं,

हमलोग तो संसार के श्रेष्ठत्तम प्राणी हैं और ईश्वर के प्रतिरूप हैं. हमलोगों ने चाँद और मंगल पर अपने उपग्रह भेजे हैं; धरती माँ के सीने से हीरे और प्लेटिनम के खदान निकाले हैं. फिर हमारे पुरुषार्थ के सामने कोई समस्या कैसे टिक पाएगी?

समय पर ध्यान नहीं देने से साधारण दिखने वाली गाँठ कैंसर भी बन जाती है, छोटी सी चिंगारी भी भयानक अग्नि की ज्वाला बन जाती है. इसी तरह साधारण समस्याएँ भी अविलम्ब नहीं सुलझाने पर विकराल रूप ले लेती हैं. परिणामस्वरूप, हमारे दिनों की चैन और रातों की नींद हराम हो जाती हैं.

अतः बुद्धिमान मनुष्य समस्याओं को योजनाबद्ध रूप में तेजी से सुलझाते जाते हैं. जितनी तेजी से समस्याएँ सुलझाने का आप अभ्यास करेंगे, शानदार सफलताएँ उतनी ही तत्परता से आपको जयमालाएं पहनायेंगी।

मेरी यह रचना भी अवश्य पढ़ें.  लक्ष्यों पर निगाहें गड़ाए रखिये.

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